गुजरात 1980 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
INC(I): 141 सीटें (77.5%)JNP(JP): 21 सीटें (11.5%)IND: 10 सीटें (5.5%)BJP: 9 सीटें (4.9%)JNP(SC): 1 सीट (0.5%)बहुमत के लिए 92182सरकार बनाने के लिए 92
  • INC(I)14177.5%
  • JNP(JP)2111.5%
  • निर्दलीय105.5%
  • BJP94.9%
  • JNP(SC)10.5%
चुनाव की कहानी

नए नाम से कांग्रेस की ज़ोरदार वापसी

क्या हुआ

इस चुनाव में एक ही पार्टी छा गई और निर्णायक ढंग से राज्य की सत्ता में लौटी।

इंडियन नेशनल कांग्रेस (इंदिरा) ने 182 में से 141 सीटें जीतीं — हर लिहाज़ से भारी जीत।

इससे उसके पास बहुमत के लिए ज़रूरी 92 सीटों के आँकड़े से 49 सीटें ज़्यादा हो गईं।

जनता पार्टी (जेपी) सिर्फ़ 21 सीटों के साथ बहुत पीछे रही।

क्या बदला

पिछले चुनाव की बँटी हुई विधान सभा की जगह इस बार एक दबदबे वाला विजेता था।

पिछले चुनाव में सबसे आगे रही इंडियन नेशनल कांग्रेस बुरी तरह ढह गई।

ख़ुद इंडियन नेशनल कांग्रेस (इंदिरा) उस नाम से पहली बार चुनाव लड़ रही थी।

एक ही चुनाव में उसकी सीटें 0 से 141 हो गईं।

अहम आँकड़े

चुनाव परिणामों के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।

सबसे कड़ा मुक़ाबला दांता, गुजरात में हुआ, जहाँ सिर्फ़ 146 वोट रहा।

दूसरी ओर, मतगणना की सबसे बड़ी जीत चोटीला, गुजरात में हुई, जहाँ विजेता 81.6% वोटों से आगे रहा।

सबसे ज़्यादा खेरालु, गुजरात में रहा, जहाँ यह 72.1% तक पहुँचा।

उस साल सबसे ज़्यादा मतदाता चोर्यासी, गुजरात में थे, मतदाता सूची में 1,53,570 लोग थे।

पृष्ठभूमि

इस जीत में बनाने की उस नई रणनीति की झलक थी, जो इंडियन नेशनल कांग्रेस (इंदिरा) ने राज्य में अपनाई थी।

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RBI 2024-25

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