गुजरात 1962 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
INC: 113 सीटें (73.4%)SWA: 26 सीटें (16.9%)IND: 7 सीटें (4.5%)PSP: 7 सीटें (4.5%)NJP: 1 सीट (0.6%)बहुमत के लिए 78154सरकार बनाने के लिए 78
  • INC11373.4%
  • SWA2616.9%
  • निर्दलीय74.5%
  • PSP74.5%
  • NJP10.6%
चुनाव की कहानी

गुजरात बनने के बाद पहला चुनाव

क्या हुआ

नए राज्य में इंडियन नेशनल कांग्रेस ने अपने पहले ही विधान सभा चुनाव में भारी जीत दर्ज की।

कांग्रेस ने कुल 154 सीटों में से 113 सीटें जीतीं।

यह बहुमत के लिए ज़रूरी सीटों से 35 सीटें ज़्यादा था।

उसकी सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी स्वतंत्र पार्टी ने 26 सीटें और 24.4% वोट हासिल किए।

क्या बदला

राज्य बनने के बाद यह पहला विधान सभा चुनाव था।

नई विधान सभा के 154 निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 519 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा।

कुल 5 दलों ने सीटें जीतीं, और 7 और सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों के हिस्से गईं।

नए राज्य में लगभग 54.6% पंजीकृत मतदाताओं ने वोट डाला।

अहम आँकड़े

उस पहले चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।

सबसे क़रीबी मुक़ाबला: मातर, गुजरात में सिर्फ़ 33 वोट रहा।

दूसरी ओर, देवगढ़ बारिया, गुजरात में मतगणना का सबसे बड़ा जीत का अंतर रहा, जहाँ विजेता 76.8% वोटों से आगे रहा।

सबसे ज़्यादा अंकलेश्वर, गुजरात में रहा, जहाँ 82.7% पंजीकृत मतदाताओं ने वोट डाला।

सबसे ज़्यादा मतदाता उमरेठ, गुजरात में थे, जहाँ 81,506 लोग वोट देने के लिए पंजीकृत थे।

पृष्ठभूमि

यह चुनाव नए राज्य के गठन के बाद हुआ।

गुजरात ने इस नई व्यवस्था के तहत अपनी पहली विधान सभा चुनी।

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RBI 2024-25

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