देवगढ़ बारियाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1962
राओल श्रीमंत महाराजा जयदीपसिंहजी (SWA) ने 1962 के विधान सभा चुनाव में 86.1% वोट पाकर देवगढ़ बारिया सीट जीती और जसवंतलाल धनसुखलाल शाह (INC) को 28,961 वोटों से हराया।
1962 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 से सीट नंबर 116 महेमदाबाद है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — राओल श्रीमंत महाराजा जयदीपसिंहजी 76.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राओल श्रीमंत महाराजा जयदीपसिंहजी स्वतंत्र पार्टी | स्वतंत्र पार्टी | 32,44486.1% |
| 2 | जसवंतलाल धनसुखलाल शाह | 3,4839.2% | |
| 3 | जयंतकुमार काशीराम पंडया NJP | NJP | 9702.6% |
| 4 | जेसिंग भाईजी चुवान | 8042.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SWA को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.33 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।