बड़ौदा शहर पूर्वविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1962
पलेजवाला फतेहअली हुसैनुद्दीन (INC) ने 1962 के विधान सभा चुनाव में 57.0% वोट पाकर बड़ौदा शहर पूर्व सीट जीती और चंद्रकांत मुलजीभाई परीख (SWA) को 12,495 वोटों से हराया।
1962 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 से सीट नंबर 125 पेटलाद है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — पलेजवाला फतेहअली हुसैनुद्दीन 28.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पलेजवाला फतेहअली हुसैनुद्दीन | 24,98757.0% | |
| 2 | चंद्रकांत मुलजीभाई परीख स्वतंत्र पार्टी | स्वतंत्र पार्टी | 12,49228.5% |
| 3 | भगवानदास वल्लभराम खत्री | 4,41810.1% | |
| 4 | लक्ष्मीप्रसाद मिठादास महंत REP | REP | 6931.6% |
| 5 | विष्णुप्रसाद शिवशंकर शास्त्री RRP | RRP | 3240.7% |
| 6 | मणीभाई परशोत्तमदास सोलंकी निर्दलीय | निर्दलीय | 3120.7% |
| 7 | शिवाजीराव सखाराम मोहिते SOC | SOC | 3000.7% |
| 8 | अवतराम घनश्यामदास वासवानी निर्दलीय | निर्दलीय | 2990.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, SWA और BJS को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.40 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।