गोधराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1962
ताहेरअली अब्दुलअली (INC) ने 1962 के विधान सभा चुनाव में 35.3% वोट पाकर गोधरा सीट जीती और शिरोया सोमलाल नाथाजीभाई (PSP) को 1,833 वोटों से हराया।
1962 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 से सीट नंबर 109 सालिया है।
विजेता
7.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ताहेरअली अब्दुलअली | 9,02035.3% | |
| 2 | शिरोया सोमलाल नाथाजीभाई | 7,18728.1% | |
| 3 | चंपकलाल द्वारकादास देसाई स्वतंत्र पार्टी | स्वतंत्र पार्टी | 4,19316.4% |
| 4 | राजपूत डाहयाभाई लल्लूभाई निर्दलीय | निर्दलीय | 3,99315.6% |
| 5 | ब्रह्मक्षत्री नंजीमल चंदुलमल | 7122.8% | |
| 6 | नानालाल जगन्नाथ जोशी निर्दलीय | निर्दलीय | 4791.9% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.91 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।