उपलेटाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
माकडिया प्रविणभाई मोहन (BJP) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 35.7% वोट पाकर उपलेटा सीट जीती और राजाभाई रामभाई सुवा (AIRJP) को 379 वोटों से हराया।
1975 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 23 जामनगर थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 23 बेचराजी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
उपलेटा का फ़ैसला सिर्फ़ 0.6% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 379 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | माकडिया प्रविणभाई मोहन NDA | NDA | 24,11235.7% |
| 2 | राजाभाई रामभाई सुवा AIRJP | AIRJP | 23,73335.1% |
| 3 | बलवंतराय बचुभाई मनवर निर्दलीय | निर्दलीय | 15,86323.5% |
| 4 | रामभाई गोवाभाई सुवा | 2,6183.9% | |
| 5 | रवजीभाई माधवजीभाई वाढेर निर्दलीय | निर्दलीय | 5630.8% |
| 6 | चंदुलाल अमराभाई जादव निर्दलीय | निर्दलीय | 4860.7% |
| 7 | मोहन वास्ता श्रीमाली निर्दलीय | निर्दलीय | 1800.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.25 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
उपलेटा से कौन जीता, 1975–2007
BJP ने 1995 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 30.9% से बढ़कर 35.7% हो गया। 1975 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1995 के 61.9% से घटकर 53.4% रह गया। इसके बाद 2002 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1975पटेल जयराम आनंदभाई (INC), जीत का अंतर 20.7%
- 1980मनवर बलवंतराय बचूलाल (INC(I)), जीत का अंतर 4.6%
- 1985कालरिया जयंतीलाल भगवानजी (INC), जीत का अंतर 9.2%
- 1990कलावडिया नारणभाई प्रेमजीभाई (JD), जीत का अंतर 6.6%
- 1995पटेल मोहनभाई लालजीभाई (BJP), जीत का अंतर 1.1%
- 1998माकडिया प्रविणभाई मोहन (BJP), जीत का अंतर 0.6%
- 2002प्रविणभाई मोहनभाई माकडिया (BJP), जीत का अंतर 12.3%
- 2007मकडिया प्रविणभाई मोहनभाई (BJP), जीत का अंतर 6.1%