जामनगरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
लिलाधर प्राणजीवन पटेल (निर्दलीय) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 50.1% वोट पाकर जामनगर सीट जीती और हमीरखा खतीजा अल्लारखा (INC) को 5,315 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 23 जामजोधपुर थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1975 से सीट नंबर 23 उपलेटा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
13.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | लिलाधर प्राणजीवन पटेल निर्दलीय | निर्दलीय | 20,53450.1% |
| 2 | हमीरखा खतीजा अल्लारखा कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 15,21937.2% |
| 3 | केशवलाल एन. धानाणी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1225.2% |
| 4 | भीखुभाई वाघेला वाम दल | वाम दल | 1,8974.6% |
| 5 | सुखलाल अमृतलाल मेटा निर्दलीय | निर्दलीय | 5691.4% |
| 6 | मधुसूदन सी. पुरोहित निर्दलीय | निर्दलीय | 2590.6% |
| 7 | करुणाशंकर डी. आचार्य निर्दलीय | निर्दलीय | 2230.5% |
| 8 | ईश्वरदान करणीदान गढ़वी निर्दलीय | निर्दलीय | 670.2% |
| 9 | खेतशी लाधाभाई गोरी निर्दलीय | निर्दलीय | 660.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय, INC और एक निर्दलीय को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.53 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जामनगर से कौन जीता, 1967–1972
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट SWA से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 59.5% से घटकर 55.2% रह गया।
- 1967एल. पटेल (SWA), जीत का अंतर 29.9%
- 1972लिलाधर प्राणजीवन पटेल (IND), जीत का अंतर 13.0%