दांताविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
गढ़वी मुकेश बी. (INC) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 44.2% वोट पाकर दांता सीट जीती और कचोरिया कांतिभाई डी. (BJP) को 20,127 वोटों से हराया।
1975 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 102 लींबडी थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 102 पालीताणा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — गढ़वी मुकेश बी. 18.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गढ़वी मुकेश बी. | 49,03344.2% | |
| 2 | कचोरिया कांतिभाई डी. NDA | NDA | 28,90626.1% |
| 3 | ठाकोर दीपसिंह बी. निर्दलीय | निर्दलीय | 18,81016.9% |
| 4 | बारड रामसिंह जे. AIRJP | AIRJP | 11,56710.4% |
| 5 | प्रजापति रामजीभाई एम. | 1,2581.1% | |
| 6 | पटेल परेशकुमार वी. निर्दलीय | निर्दलीय | 7280.7% |
| 7 | गरासिया रामाभाई डी. निर्दलीय | निर्दलीय | 3760.3% |
| 8 | पढियार अरविंदकुमार एम. निर्दलीय | निर्दलीय | 2660.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.30 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
दांता से कौन जीता, 1975–2007
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1985 में जीत दर्ज की थी। 1975 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1995 के 73.5% से घटकर 64.4% रह गया। इसके बाद 2002 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1975हरिसिन चावड़ा (NCO), जीत का अंतर 13.0%
- 1980हरिसिंह चावड़ा (JNP(JP)), जीत का अंतर 0.3%
- 1985बलदेवसिंह डी. वाघेला (INC), जीत का अंतर 16.6%
- 1990कचोरिया कांतिभाई धर्मदास (BJP), जीत का अंतर 10.3%
- 1995कचोरिया कांतिभाई धर्मदास (BJP), जीत का अंतर 9.3%
- 1998गढ़वी मुकेश बी. (INC), जीत का अंतर 18.1%
- 2002गढ़वी मुकेशकुमार भैरवदानजी (INC), जीत का अंतर 22.3%
- 2007गढवी मुकेशकुमार भेरवदानजी (INC), जीत का अंतर 24.0%