बड़ौदा ग्रामीणविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
चुडासमा दिलुभा टेमुभा (BJP) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 39.2% वोट पाकर बड़ौदा ग्रामीण सीट जीती और अनुज ललितचंद्र पटेल (INC) को 6,932 वोटों से हराया।
1975 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 151 सूरत शहर पूर्व थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 151 वागरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चुडासमा दिलुभा टेमुभा NDA | NDA | 39,14439.2% |
| 2 | अनुज ललितचंद्र पटेल | 32,21232.3% | |
| 3 | गोहिल उपेंद्रसिंहजी प्रतापसिंहजी निर्दलीय | निर्दलीय | 22,30522.3% |
| 4 | गोहिल मंगलसिंह शंकरसिंह AIRJP | AIRJP | 4,2564.3% |
| 5 | पढैयार अमरसिंह बलवंतसिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 8550.9% |
| 6 | तखतसिंह रायसिंह गोहिल निर्दलीय | निर्दलीय | 6410.6% |
| 7 | डोडिया प्रतापसिंह सुरसिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4350.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.23 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बड़ौदा ग्रामीण से कौन जीता, 1975–2007
BJP ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1975 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1995 के 62.0% से घटकर 55.1% रह गया। इसके बाद 2002 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1975पटेल ठाकोरभाई मोहनभाई (NCO), जीत का अंतर 2.9%
- 1980चौहान महेन्द्रसिंह तखतसिंह (INC(I)), जीत का अंतर 26.8%
- 1985चौहान महेंद्रसिंह तखतसिंह (INC), जीत का अंतर 0.6%
- 1990गोहिल मंगाईसिंह शंकरभाई (JD), जीत का अंतर 21.6%
- 1995उपेन्द्रसिंह प्रतापसिंह गोहिल (IND), जीत का अंतर 6.5%
- 1998चुडासमा दिलुभा टेमुभा (BJP), जीत का अंतर 6.9%
- 2002दिलुभा चुडासमा (BJP), जीत का अंतर 27.4%
- 2007गोहिल उपेन्द्रसिंह प्रतापसिंह (BJP), जीत का अंतर 10.8%