बड़ौदा ग्रामीणविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2002
दिलुभा चुडासमा (BJP) ने 2002 के विधान सभा चुनाव में 49.8% वोट पाकर बड़ौदा ग्रामीण सीट जीती और अनुजभाई ललितभाई पटेल (INC) को 35,204 वोटों से हराया।
1975 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 151 सूरत शहर पूर्व थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 151 वागरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — दिलुभा चुडासमा 27.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दिलुभा चुडासमा NDA | NDA | 63,88349.8% |
| 2 | अनुजभाई ललितभाई पटेल | 28,67922.4% | |
| 3 | बृजेश किशोरसिंह चौहान निर्दलीय | निर्दलीय | 15,07111.8% |
| 4 | गोहिल तखतसिंह शंकरभाई निर्दलीय | निर्दलीय | 12,3869.7% |
| 5 | वणकर जेठाभाई अंतोलभाई निर्दलीय | निर्दलीय | 3,1742.5% |
| 6 | पटेल नीलेशभाई रमणभाई निर्दलीय | निर्दलीय | 3,1132.4% |
| 7 | दर्जी राकेशभाई मनहरभाइ | 1,0600.8% | |
| 8 | राजेशभाई रवजीभाई पटेल निर्दलीय | निर्दलीय | 8920.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.10 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बड़ौदा ग्रामीण से कौन जीता, 1975–2007
BJP ने 1998 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 39.2% से बढ़कर 49.8% हो गया। 1975 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1998 के 55.1% से बढ़कर 63.2% हो गया। इसके बाद 2007 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1975पटेल ठाकोरभाई मोहनभाई (NCO), जीत का अंतर 2.9%
- 1980चौहान महेन्द्रसिंह तखतसिंह (INC(I)), जीत का अंतर 26.8%
- 1985चौहान महेंद्रसिंह तखतसिंह (INC), जीत का अंतर 0.6%
- 1990गोहिल मंगाईसिंह शंकरभाई (JD), जीत का अंतर 21.6%
- 1995उपेन्द्रसिंह प्रतापसिंह गोहिल (IND), जीत का अंतर 6.5%
- 1998चुडासमा दिलुभा टेमुभा (BJP), जीत का अंतर 6.9%
- 2002दिलुभा चुडासमा (BJP), जीत का अंतर 27.4%
- 2007गोहिल उपेन्द्रसिंह प्रतापसिंह (BJP), जीत का अंतर 10.8%