दिल्ली में कांग्रेस की वापसी
क्या हुआ
पिछले चुनाव में सत्ता गँवाने वाली पार्टी ने इस बार उसे वापस हासिल कर लिया।
इंडियन नेशनल कांग्रेस ने कुल 70 सीटों में से 52 सीटें जीतीं, यह एकतरफ़ा जीत थी।
उसकी सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी भारतीय जनता पार्टी सिर्फ़ 15 सीटों पर सिमट गई, जो उसके अपने पिछले कार्यकाल से काफ़ी नीचे था।
क्या बदला
बहाल हुई विधान सभा के तहत यह पहला मौक़ा था जब दिल्ली के मतदाताओं ने मौजूदा सरकार को बदला।
कांग्रेस की सीटें 14 से बढ़कर 52 हो गईं, जो शहर में अब तक उसका सबसे अच्छा प्रदर्शन था।
(पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) पिछले चुनाव के मुक़ाबले 12.2 प्रतिशत अंक गिरा।
अहम आँकड़े
उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।
सबसे क़रीबी मुक़ाबला रोहतास नगर, दिल्ली में हुआ, जहाँ (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) सिर्फ़ 167 रहा।
दूसरी ओर, मटिया महल, दिल्ली में जीत 45.0% वोटों के अंतर से हुई।
सबसे ज़्यादा मतदाता बदरपुर, दिल्ली में थे, जहाँ 2,02,371 लोग वोट देने के लिए पंजीकृत थे।
सबसे भीड़ वाला मुक़ाबला नसीरपुर, दिल्ली में था, जहाँ 47 उम्मीदवार मैदान में थे।
पृष्ठभूमि
इस चुनाव में दिखा कि दिल्ली की फिर से बहाल हुई विधान सभा अपनी सामान्य चुनावी लय में ढल रही थी।