दिल्ली
यह चुनाव दिल्ली महानगर परिषद का था, किसी विधान सभा का नहीं। दिल्ली प्रशासन अधिनियम 1966 से बनी इस परिषद में 56 निर्वाचित सदस्य थे, पर क़ानून बनाने का कोई अधिकार नहीं था — दिल्ली के शासन में उसकी भूमिका सिर्फ़ सलाह देने की थी। दिल्ली को क़ानून बनाने वाली विधान सभा 1993 में ही वापस मिली।
इस चुनाव के सीट-स्तर का कोई परिणाम मौजूद नहीं है।
यह चुनाव चुनाव आयोग ने करवाया था — आयोग की अपनी 'चौथे आम चुनाव, 1967 की रिपोर्ट' (खंड I, पृ. 58) में दर्ज है कि दिल्ली प्रशासन अधिनियम 1966 ने 56 सीटों वाली महानगर परिषद बनाई और इसके चुनाव की ज़िम्मेदारी आयोग को दी; यह चुनाव दिल्ली की सात लोक सभा सीटों के साथ हुआ था। लेकिन आयोग ने इसकी कोई सांख्यिकीय रिपोर्ट कभी जारी नहीं की: दिल्ली पर उसकी रिपोर्टें 1951 के बाद सीधे 1972, 1977, 1983 और 1993 से आगे की हैं। सीट-स्तर का कोई परिणाम — न सीटों के नाम, न विजेता, न वोटों की गिनती — सार्वजनिक रिकॉर्ड में बचा नहीं दिखता, इसलिए सिर्फ़ दलों के कुल आँकड़े दिखाए गए हैं।
दलों के कुल आँकड़े: दिल्ली गज़ेटियर (1976), पृ. 974, तालिका “Metropolitan Council — result of elections”।