परिषद में नई पार्टी की भारी जीत
क्या हुआ
दिल्ली महानगर परिषद के चुनाव में एक नई बनी पार्टी ने भारी जीत दर्ज की और लंबे समय से उसकी अगुवाई कर रही पार्टी की जगह ले ली।
जनता पार्टी ने कुल 56 सीटों में से 46 सीटें जीतीं, यह एकतरफ़ा जीत थी।
उसकी सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी इंडियन नेशनल कांग्रेस सिर्फ़ 10 सीटों पर सिमट गई — पिछले कार्यकाल से काफ़ी नीचे।
क्या बदला
यह चुनाव जीतने वाली पार्टी दिल्ली के पिछले चुनाव के समय अस्तित्व में नहीं थी।
वह 0 सीटों से 46 सीटों पर पहुँची, जो तब तक शहर में उसका सबसे अच्छा प्रदर्शन था।
(पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) पिछले चुनाव के मुक़ाबले 13.5 प्रतिशत अंक गिरा।
अहम आँकड़े
उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।
सबसे क़रीबी मुक़ाबला देव नगर, दिल्ली में हुआ, जहाँ (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) सिर्फ़ 237 रहा।
दूसरी ओर, आर. के. पुरम, दिल्ली में जीत 47.3% वोटों के अंतर से हुई।
सबसे ज़्यादा मतदाता नजफगढ़, दिल्ली में थे, जहाँ 1,09,358 लोग वोट देने के लिए पंजीकृत थे।
सबसे भीड़ वाला मुक़ाबला नरेला, दिल्ली में था, जहाँ एक ही सीट के लिए 8 उम्मीदवार मैदान में थे।
पृष्ठभूमि
यह चुनाव भी परिषद के सीमित, सलाह देने वाले अधिकारों के तहत लड़ा गया, जबकि दिल्ली के प्रशासन का अंतिम अधिकार उपराज्यपाल के पास था।