सराय रोहिल्लामहानगर परिषद चुनाव का परिणाम, 1977
डी.डी. वशिष्ठ (JNP) ने 1977 के महानगर परिषद चुनाव में 46.5% वोट पाकर सराय रोहिल्ला सीट जीती और बी.डी. जोशी (CPI) को 1,093 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 51 मोतिया खान थी। 1983 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1993 से सीट नंबर 51 यमुना विहार है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। डी.डी. वशिष्ठ 4.0% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | डी.डी. वशिष्ठ जनता | जनता | 12,72546.5% |
| 2 | बी.डी. जोशी वाम दल | वाम दल | 11,63242.5% |
| 3 | अभिमन्यु सैनी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0603.9% |
| 4 | एन.डी. गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 8673.2% |
| 5 | खेम चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 6162.3% |
| 6 | राम धान निर्दलीय | निर्दलीय | 2000.7% |
| 7 | लाल चन्द अदलखा निर्दलीय | निर्दलीय | 1850.7% |
| 8 | मुन्ना लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 980.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JNP, CPI और एक निर्दलीय को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.50 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सराय रोहिल्ला से कौन जीता, 1977–1983
इसके बाद 1983 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1977डी.डी. वशिष्ठ (JNP), जीत का अंतर 4.0%
- 1983बंसी लाल (INC), जीत का अंतर 11.5%