सराय रोहिल्लामहानगर परिषद चुनाव का परिणाम, 1983
बंसी लाल (INC) ने 1983 के महानगर परिषद चुनाव में 51.9% वोट पाकर सराय रोहिल्ला सीट जीती और प्रताप सिंह (BJP) को 3,030 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 51 मोतिया खान थी। 1983 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1993 से सीट नंबर 51 यमुना विहार है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बंसी लाल कांग्रेस (इंदिरा) | कांग्रेस (इंदिरा) | 13,71851.9% |
| 2 | प्रताप सिंह | 10,68840.4% | |
| 3 | कोमल स्वरूप जनता | जनता | 1,4225.4% |
| 4 | लाल चन्द अदलखा निर्दलीय | निर्दलीय | 2601.0% |
| 5 | नरिंदर कु. महाजन निर्दलीय | निर्दलीय | 2070.8% |
| 6 | तिलक राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1110.4% |
| 7 | सखबीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 280.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और BJP को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.29 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सराय रोहिल्ला से कौन जीता, 1977–1983
INC ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 58.1% से घटकर 56.1% रह गया।
- 1977डी.डी. वशिष्ठ (JNP), जीत का अंतर 4.0%
- 1983बंसी लाल (INC), जीत का अंतर 11.5%