सरोजिनी नगरमहानगर परिषद चुनाव का परिणाम, 1977
पी.एन. सिंह (JNP) ने 1977 के महानगर परिषद चुनाव में 64.8% वोट पाकर सरोजिनी नगर सीट जीती और बी.के. अरोड़ा (INC) को 5,472 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 1 का नाम सरोजिनी नगर था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 1983 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1993 से सीट नंबर 1 का नाम अब भी सरोजिनी नगर है, अब नई सीमाओं के साथ। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — पी.एन. सिंह 40.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पी.एन. सिंह जनता | जनता | 8,71964.8% |
| 2 | बी.के. अरोड़ा | 3,24724.1% | |
| 3 | वीरेन्द्र कुमार भटनागर निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1148.3% |
| 4 | आर.पी. नौटियाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3442.6% |
| 5 | धर्म पाल अन्नाशी निर्दलीय | निर्दलीय | 280.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JNP और INC को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.06 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सरोजिनी नगर से कौन जीता, 1977–1983
इसके बाद 1983 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1977पी.एन. सिंह (JNP), जीत का अंतर 40.7%
- 1983राम भज (BJP), जीत का अंतर 21.8%