कांग्रेस की लगातार तीसरी जीत
क्या हुआ
कांग्रेस ने लगातार तीसरा कार्यकाल जीता और दिल्ली की सत्ता बरकरार रखी।
इंडियन नेशनल कांग्रेस ने कुल 70 सीटों में से 43 सीटें जीतीं।
यह जीत उसे 40.3% (कुल डाले गए वोटों का वह हिस्सा जो किसी एक पार्टी या उम्मीदवार को मिला) के साथ मिली।
उसकी सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी भारतीय जनता पार्टी ने 23 सीटें जीतीं।
क्या बदला
कांग्रेस ने दिल्ली में अपनी जीत का सिलसिला इतना लंबा कर लिया, जितना मौजूदा विधान सभा के दौर में किसी और पार्टी का नहीं रहा।
इसके साथ पार्टी लगातार 3 चुनाव जीत चुकी थी।
फिर भी उसकी सीटें पिछले चुनाव की 47 से घटकर इस बार 43 रह गईं।
अहम आँकड़े
चुनाव परिणामों के कुछ आँकड़े अपने आप में ध्यान खींचते हैं।
मतगणना का सबसे कड़ा मुक़ाबला राजौरी गार्डन, दिल्ली में हुआ, जहाँ (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) सिर्फ़ 46 वोट रहा।
सबसे ऊँचा (पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) मंगोलपुरी, दिल्ली में रहा, 64.8%।
उस साल सबसे ज़्यादा उम्मीदवार नई दिल्ली, दिल्ली में उतरे, कुल 25।
सबसे लंबी मतदाता सूची विकासपुरी, दिल्ली की थी, जिसमें 2,45,769 नाम थे।
पृष्ठभूमि
इसी चुनाव से दिल्ली विधान सभा में एक नई पार्टी के लिए रास्ता भी खुला।
इस चुनाव में एक पार्टी, बसपा, ने दिल्ली में पहली बार कोई सीट जीती।