दिल्ली 2003 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
INC: 47 सीटें (67.1%)BJP: 20 सीटें (28.6%)IND: 1 सीट (1.4%)JD(S): 1 सीट (1.4%)NCP: 1 सीट (1.4%)बहुमत के लिए 3670सरकार बनाने के लिए 36
चुनाव की कहानी

दिल्ली में कांग्रेस का दूसरा कार्यकाल

क्या हुआ

कांग्रेस ने दिल्ली में दूसरा कार्यकाल जीता और भाजपा की चुनौती को पीछे छोड़ा।

इंडियन नेशनल कांग्रेस ने कुल 70 सीटों में से 47 सीटें जीतीं।

यह जीत उसे 48.1% के साथ मिली।

उसकी सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी भारतीय जनता पार्टी ने 20 सीटें जीतीं।

क्या बदला

कांग्रेस ने दिल्ली पर नियंत्रण बनाए रखा, लेकिन पहली बार के मुक़ाबले कम गुंजाइश के साथ।

इसके साथ पार्टी लगातार 2 चुनाव जीत चुकी थी।

उसकी अपनी सीटें थोड़ी घटीं: पिछले चुनाव की 52 से इस बार 47।

सबसे बड़ा बदलाव कांग्रेस से भाजपा की ओर हुआ, जिसमें 10 सीटें गईं।

अहम आँकड़े

चुनाव परिणामों के कुछ आँकड़े अपने आप में ध्यान खींचते हैं।

मतगणना का सबसे कड़ा मुक़ाबला साकेत, दिल्ली में हुआ, जहाँ सिर्फ़ 121 वोट रहा।

उस रात की सबसे बड़ी जीत मंगोलपुरी, दिल्ली में हुई, जहाँ विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से 52.9% वोट आगे रहे।

सबसे ज़्यादा मोती नगर, दिल्ली में दर्ज हुआ, 62.3%।

सबसे लंबी मतदाता सूची बादली, दिल्ली की थी, जिसमें 2,71,032 नाम थे।

पृष्ठभूमि

यह चुनाव ऐसी विधान सभा के लिए हुआ, जो दिल्ली के लिए अभी अपेक्षाकृत नई थी।

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