कालकाजीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
सुभाष चोपड़ा (INC) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 64.1% वोट पाकर कालकाजी सीट जीती और पूर्णिमा सेठी (BJP) को 17,644 वोटों से हराया।
1993 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1983 में सीट नंबर 7 जंगपुरा थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 7 बवाना है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सुभाष चोपड़ा 31.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुभाष चोपड़ा | 35,72164.1% | |
| 2 | पूर्णिमा सेठी NDA | NDA | 18,07732.5% |
| 3 | कल्पना | 6541.2% | |
| 4 | अनिल बावा | 3290.6% | |
| 5 | सरला सिंह IJP | IJP | 2780.5% |
| 6 | राजिंदर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2300.4% |
| 7 | अश्विनी कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1600.3% |
| 8 | नीलम निर्दलीय | निर्दलीय | 1330.2% |
| 9 | नीरज कुमार बख्शी निर्दलीय | निर्दलीय | 1210.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और BJP को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.93 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कालकाजी से कौन जीता, 1993–2003
INC ने 1998 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 53.6% से बढ़कर 64.1% हो गया। मतदान प्रतिशत 1998 के 44.6% से बढ़कर 52.8% हो गया।