जंगपुराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
तरविंदर सिंह मारवाहा (INC) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 68.9% वोट पाकर जंगपुरा सीट जीती और कुलदीप सिंह भोगल (BJP) को 20,227 वोटों से हराया।
1993 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1983 में सीट नंबर 5 दिल्ली कैंट थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 5 बादली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — तरविंदर सिंह मारवाहा 42.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | तरविंदर सिंह मारवाहा | 32,93768.9% | |
| 2 | कुलदीप सिंह भोगल NDA | NDA | 12,71026.6% |
| 3 | राजन तनेजा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0092.1% |
| 4 | नरेश कुमार NDA | NDA | 5381.1% |
| 5 | पवनेश कुमार | 3780.8% | |
| 6 | इन्द्र पाल सिंह लाम्बा निर्दलीय | निर्दलीय | 2480.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और BJP को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.83 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जंगपुरा से कौन जीता, 1993–2003
1993 से यहाँ हर चुनाव INC ने जीता है: यह लगातार उसकी तीसरी जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 51.5% से बढ़कर 68.9% हो गया। मतदान प्रतिशत 1998 के 49.8% से बढ़कर 51.2% हो गया।