सुल्तानपुर माजराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
जय किशन (INC) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 52.3% वोट पाकर सुल्तानपुर माजरा सीट जीती और सतीश कुमार (BJP) को 18,921 वोटों से हराया।
1993 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1983 में सीट नंबर 23 बवाना थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 23 करोल बाग है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — जय किशन 27.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जय किशन | 36,16452.3% | |
| 2 | सतीश कुमार NDA | NDA | 17,24324.9% |
| 3 | भगवान दास | 10,81215.6% | |
| 4 | नन्द राम बागरी | 1,5502.2% | |
| 5 | मंगत राम | 1,1391.6% | |
| 6 | वीणा | 9341.4% | |
| 7 | राकेश निर्दलीय | निर्दलीय | 5670.8% |
| 8 | जय सिंह | 3520.5% | |
| 9 | बाबू लाल बैरवा निर्दलीय | निर्दलीय | 2210.3% |
| 10 | जिले सिंह रंगा निर्दलीय | निर्दलीय | 2070.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और BSP को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.77 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सुल्तानपुर माजरा से कौन जीता, 1993–2003
1993 से यहाँ हर चुनाव INC ने जीता है: यह लगातार उसकी तीसरी जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 56.8% से घटकर 52.3% रह गया। मतदान प्रतिशत 1998 के 55.0% से बढ़कर 58.8% हो गया।