कस्तूरबा नगरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
सुशील चौधरी (BJP) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 45.5% वोट पाकर कस्तूरबा नगर सीट जीती और अशोक चोपड़ा (INC) को 683 वोटों से हराया।
1993 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1983 में सीट नंबर 4 बाराखंभा थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 4 आदर्श नगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
कस्तूरबा नगर का फ़ैसला सिर्फ़ 1.7% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 683 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुशील चौधरी NDA | NDA | 17,94945.5% |
| 2 | अशोक चोपड़ा | 17,26643.8% | |
| 3 | ओम प्रकाश | 2,7376.9% | |
| 4 | राजेन्द्र बैसोया | 4381.1% | |
| 5 | पीर सिंह नेगी SSGP | SSGP | 2560.7% |
| 6 | देवेन्द्र नाथ श्रीवास्तव | 2480.6% | |
| 7 | मिथिलेश झा निर्दलीय | निर्दलीय | 1980.5% |
| 8 | सुरेश अरोड़ा निर्दलीय | निर्दलीय | 1690.4% |
| 9 | नरेन्द्र सिंघल निर्दलीय | निर्दलीय | 970.3% |
| 10 | एस. रोज़ी | 700.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और BSP को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.48 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कस्तूरबा नगर से कौन जीता, 1993–2003
1993 से यहाँ हर चुनाव BJP ने जीता है: यह लगातार उसकी तीसरी जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 42.0% से बढ़कर 45.5% हो गया। मतदान प्रतिशत 1998 के 48.9% से घटकर 45.1% रह गया।