अरविंद केजरीवाल ने फिर दिल्ली जीती
क्या हुआ
अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में दूसरी बार भारी जीत दर्ज की और भारतीय जनता पार्टी को फिर बहुत पीछे छोड़ दिया।1
उसने कुल 70 सीटों में से 62 सीटें जीतीं।
इससे वह बहुमत के आँकड़े से 26 सीटें आगे रही।
उसके (कुल डाले गए वोटों का वह हिस्सा जो किसी एक पार्टी या उम्मीदवार को मिला) 53.6% था।
उसकी सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी भाजपा ने 38.5% वोट के साथ 8 सीटें जीतीं।
चुनाव प्रचार
चुनाव आयोग ने 6 जनवरी को दिल्ली का चुनाव कार्यक्रम घोषित किया: 8 फ़रवरी को एक ही चरण में मतदान और 11 फ़रवरी को मतगणना।2
अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने 19 जनवरी को 10 सूत्री गारंटी कार्ड जारी किया, जिसमें जन लोकपाल विधेयक, घर तक राशन पहुँचाने और प्रदूषण कम करने का वादा था।1
30 जनवरी को जामिया मिल्लिया इस्लामिया के पास एक बंदूकधारी ने प्रदर्शन कर रहे एक छात्र को गोली मारकर घायल कर दिया। 1 फ़रवरी को एक और बंदूकधारी ने शाहीन बाग़ धरना स्थल के पास 'जय श्री राम' का नारा लगाते हुए हवा में गोलियाँ चलाईं, जिसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया।3
भारतीय जनता पार्टी ने 31 जनवरी को अपना घोषणापत्र जारी किया, जिसमें 2022 तक सबके लिए घर का वादा था, लेकिन मुख्यमंत्री पद के किसी उम्मीदवार का नाम नहीं था। गोलीबारी की घटनाओं के चलते चुनाव आयोग ने 2 फ़रवरी को इलाक़े के पुलिस उपायुक्त का तबादला कर दिया। उसी दिन इंडियन नेशनल कांग्रेस ने नौ सूत्री एजेंडा जारी किया, जिसमें मज़बूत लोकपाल क़ानून और प्रदूषण से लड़ने के उपाय शामिल थे।456
क्या बदला
दिल्ली पर आप की पकड़ बस थोड़ी-सी ढीली हुई।
उसकी अपनी सीटें पिछले चुनाव की 67 से घटकर इस बार 62 रह गईं।
सबसे बड़ा बदलाव आप से भाजपा की ओर रहा: जिन 7 सीटों पर पार्टी बदली, उनमें से 6 इसी तरह बदलीं।
इसके साथ पार्टी ने लगातार 2 चुनाव जीत लिए।
(पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) घटकर 62.7% रहा, जो पिछले चुनाव से 4.7 प्रतिशत अंक कम था।
अहम आँकड़े
सबसे क़रीबी मुक़ाबला बिजवासन, दिल्ली में हुआ, जहाँ (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) 753 वोट रहा।
मतगणना का सबसे बड़ा जीत का अंतर मटिया महल, दिल्ली में रहा, जहाँ विजेता 56.7% वोटों से आगे रहा।
बल्लीमारान, दिल्ली में किसी भी सीट से ज़्यादा मतदान प्रतिशत दर्ज हुआ, 71.6%।
पंजीकृत मतदाताओं के हिसाब से मटियाला, दिल्ली सबसे बड़ा निर्वाचन क्षेत्र था, मतदाता सूची में 4,24,924 नाम थे।
सबसे ज़्यादा उम्मीदवार नई दिल्ली, दिल्ली में उतरे — कुल 28।
पूरे राज्य में (इनमें से कोई नहीं (नोटा) — मतपत्र का वह विकल्प, जिससे मतदाता सामने खड़े सभी उम्मीदवारों को औपचारिक रूप से नकार सकते हैं) को 43,108 वोट मिले, यानी कुल वोटों का 0.5%।
पृष्ठभूमि
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली शासन अधिनियम, 1991 ने 37 साल के अंतराल के बाद दिल्ली के लिए चुनी हुई विधान सभा बहाल की, जबकि ज़मीन, पुलिस और क़ानून-व्यवस्था केंद्र सरकार के नियंत्रण में रखे गए।7
नई 70 सीटों वाली विधान सभा का पहला चुनाव 1993 में हुआ।7
आप की स्थापना 26 नवंबर 2012 को अरविंद केजरीवाल और 2011 के भ्रष्टाचार-विरोधी आंदोलन के दूसरे कार्यकर्ताओं ने की थी। उसने पहली बार 2013 का दिल्ली चुनाव लड़ा और 70 में से 28 सीटें जीतकर कांग्रेस के बाहरी समर्थन से अल्पमत सरकार बनाई।8