तुगलकाबादमहानगर परिषद चुनाव का परिणाम, 1977
प्रेम सिंह (INC) ने 1977 के महानगर परिषद चुनाव में 47.1% वोट पाकर तुगलकाबाद सीट जीती और मित्तर सैन (JNP) को 4,432 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 28 घोंडा थी। 1983 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1993 से सीट नंबर 28 नजफगढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रेम सिंह | 17,05947.1% | |
| 2 | मित्तर सैन जनता | जनता | 12,62734.9% |
| 3 | एस.सी. खैरालिया निर्दलीय | निर्दलीय | 2,9158.1% |
| 4 | मोहन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9995.5% |
| 5 | मदन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 8672.4% |
| 6 | जी.आर. विद्यार्थी निर्दलीय | निर्दलीय | 5371.5% |
| 7 | दोराई स्वामी निर्दलीय | निर्दलीय | 2290.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, JNP और एक निर्दलीय को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.83 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
तुगलकाबाद से कौन जीता, 1977–1983
इसके बाद 1983 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977प्रेम सिंह (INC), जीत का अंतर 12.2%
- 1983प्रेम सिंह (INC), जीत का अंतर 46.3%