घोंडामहानगर परिषद चुनाव का परिणाम, 1972
हरगैन सिंह (INC) ने 1972 के महानगर परिषद चुनाव में 55.9% वोट पाकर घोंडा सीट जीती और देवकी नन्दन शर्मा (BJS) को 10,781 वोटों से हराया।
1972 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1951 में सीट नंबर 28 मानकपुरा थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 28 तुगलकाबाद है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — हरगैन सिंह 21.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हरगैन सिंह कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 28,31555.9% |
| 2 | देवकी नन्दन शर्मा महागठबंधन | महागठबंधन | 17,53434.6% |
| 3 | इमदाद साबरी | 2,3524.6% | |
| 4 | भिखारी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2352.4% |
| 5 | जोगिंदर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3940.8% |
| 6 | राम दयाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3850.8% |
| 7 | गंजा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2600.5% |
| 8 | चिन्ता मणि निर्दलीय | निर्दलीय | 1640.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJS और RPI को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.30 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।