ओखलामहानगर परिषद चुनाव का परिणाम, 1977
ललित मोहन गौतम (JNP) ने 1977 के महानगर परिषद चुनाव में 56.4% वोट पाकर ओखला सीट जीती और देवान द्वारका खोसला (INC) को 5,098 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 10 कालकाजी थी। 1983 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1993 से सीट नंबर 10 आर. के. पुरम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — ललित मोहन गौतम 23.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ललित मोहन गौतम जनता | जनता | 11,99756.4% |
| 2 | देवान द्वारका खोसला | 6,89932.4% | |
| 3 | नेम चन्द शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8308.6% |
| 4 | आर.एन. त्यागी निर्दलीय | निर्दलीय | 4061.9% |
| 5 | मान मोहन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1500.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JNP, INC और एक निर्दलीय को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.32 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
ओखला से कौन जीता, 1977–1983
इसके बाद 1983 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1977ललित मोहन गौतम (JNP), जीत का अंतर 23.9%
- 1983देस राज छाबड़ा (INC), जीत का अंतर 2.5%