सदर बाजारविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
राजेश जैन (INC) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 63.0% वोट पाकर सदर बाजार सीट जीती और हरि कृष्ण (BJP) को 16,368 वोटों से हराया।
1993 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1983 में कोई सीट नंबर 64 नहीं थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 64 रोहतास नगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — राजेश जैन 31.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
15 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राजेश जैन | 32,55563.0% | |
| 2 | हरि कृष्ण NDA | NDA | 16,18731.3% |
| 3 | राजेन्द्र सिंह मथु | 1,0722.1% | |
| 4 | सुमित पाल सिंह | 9191.8% | |
| 5 | चन्द्र शेखर गुप्ता | 3810.7% | |
| 6 | लईक अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 2830.6% |
| 7 | रफ़्तार हुसैन निर्दलीय | निर्दलीय | 730.1% |
| 8 | जगन नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 500.1% |
| 9 | राजेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 490.1% |
| 10 | अविनाश पुरी DBP | DBP | 280.1% |
| 11 | राम प्रकाश LSWP | LSWP | 220.0% |
| 12 | राजेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 200.0% |
| 13 | सीता राम मौर्य निर्दलीय | निर्दलीय | 180.0% |
| 14 | संजय जैन निर्दलीय | निर्दलीय | 130.0% |
| 15 | कंवर पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 40.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और BJP को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.02 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सदर बाजार से कौन जीता, 1993–2003
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1993 के 65.0% से घटकर 52.6% रह गया। इसके बाद 2003 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।