दिल्ली कैंटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
किरण चौधरी (INC) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 51.9% वोट पाकर दिल्ली कैंट सीट जीती और करण सिंह तंवर (BJP) को 2,626 वोटों से हराया।
1993 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1983 में सीट नंबर 11 मालवीय नगर थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 11 नांगलोई जाट है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | किरण चौधरी | 23,44551.9% | |
| 2 | करण सिंह तंवर NDA | NDA | 20,81946.1% |
| 3 | राजेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 3560.8% |
| 4 | अशोक चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 2020.5% |
| 5 | बलजीत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1730.4% |
| 6 | इमानुएल मैसी निर्दलीय | निर्दलीय | 610.1% |
| 7 | दिलबाग निर्दलीय | निर्दलीय | 510.1% |
| 8 | कौशल शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 300.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और BJP को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.07 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
दिल्ली कैंट से कौन जीता, 1993–2003
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1993 के 51.1% से घटकर 44.4% रह गया। इसके बाद 2003 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।