वजीरपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
बंधु दीप चन्द (INC) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 59.7% वोट पाकर वजीरपुर सीट जीती और श्याम लाल गर्ग (BJP) को 14,878 वोटों से हराया।
1993 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1983 में सीट नंबर 53 देव नगर थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 53 बदरपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — बंधु दीप चन्द 24.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बंधु दीप चन्द | 36,01059.7% | |
| 2 | श्याम लाल गर्ग NDA | NDA | 21,13235.0% |
| 3 | राजेन्द्र प्रसाद | 1,4502.4% | |
| 4 | उमेश खारी | 1,4132.3% | |
| 5 | छिम्मा प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1400.2% |
| 6 | सुरेन्द्र कुमार (साजन) | 540.1% | |
| 7 | बृज मोहन शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 470.1% |
| 8 | ज्ञान त्यागी निर्दलीय | निर्दलीय | 440.1% |
| 9 | संदीप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 320.1% |
| 10 | उत्तम कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 90.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और BJP को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.08 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
वजीरपुर से कौन जीता, 1993–2003
INC ने 1993 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 43.1% से बढ़कर 59.7% हो गया। मतदान प्रतिशत 1993 के 67.8% से घटकर 54.5% रह गया। इसके बाद 2003 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।