देव नगरमहानगर परिषद चुनाव का परिणाम, 1983
मोती लाल सकोलिया (INC) ने 1983 के महानगर परिषद चुनाव में 45.1% वोट पाकर देव नगर सीट जीती और लक्ष्मण सिंह अटल (BJP) को 711 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 53 रैगरपुरा थी। 1983 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1993 से सीट नंबर 53 वजीरपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। मोती लाल सकोलिया 3.2% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मोती लाल सकोलिया कांग्रेस (इंदिरा) | कांग्रेस (इंदिरा) | 9,92245.1% |
| 2 | लक्ष्मण सिंह अटल | 9,21141.8% | |
| 3 | तारावती जाटव निर्दलीय | निर्दलीय | 2,26910.3% |
| 4 | बाल किशन हरि निर्दलीय | निर्दलीय | 6162.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और एक निर्दलीय को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.57 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
देव नगर से कौन जीता, 1977–1983
INC ने 1977 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 40.7% से बढ़कर 45.1% हो गया। मतदान प्रतिशत 1977 के 60.1% से घटकर 59.5% रह गया।
- 1977मोती लाल बकोलिया (INC), जीत का अंतर 1.1%
- 1983मोती लाल सकोलिया (INC), जीत का अंतर 3.2%