मंगोलपुरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
राज कुमार चौहान (INC) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 60.8% वोट पाकर मंगोलपुरी सीट जीती और लक्ष्मी नारायण (BJP) को 21,014 वोटों से हराया।
1993 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1983 में सीट नंबर 24 नजफगढ़ थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 24 पटेल नगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — राज कुमार चौहान 39.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राज कुमार चौहान | 32,37260.8% | |
| 2 | लक्ष्मी नारायण NDA | NDA | 11,35821.3% |
| 3 | महेन्द्र सिंह | 6,70712.6% | |
| 4 | सूरज पाल | 1,5002.8% | |
| 5 | तेज सिंह | 8441.6% | |
| 6 | श्याम काली | 2860.5% | |
| 7 | रतन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 660.1% |
| 8 | रोहताश निर्दलीय | निर्दलीय | 620.1% |
| 9 | राज कुमार LS | LS | 450.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और BSP को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.31 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मंगोलपुरी से कौन जीता, 1993–2003
INC ने 1993 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 41.5% से बढ़कर 60.8% हो गया। मतदान प्रतिशत 1993 के 64.5% से घटकर 55.8% रह गया। इसके बाद 2003 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।