चॉंदनी चौकविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
प्रहलाद सिंह साहनी (INC) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 47.9% वोट पाकर चॉंदनी चौक सीट जीती और वीरेश प्रताप चौधरी (BJP) को 8,162 वोटों से हराया।
1993 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1983 में कोई सीट नंबर 60 नहीं थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 60 कृष्णा नगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — प्रहलाद सिंह साहनी 16.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रहलाद सिंह साहनी | 24,34847.9% | |
| 2 | वीरेश प्रताप चौधरी NDA | NDA | 16,18631.8% |
| 3 | आमोद कुमार शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 6,57412.9% |
| 4 | चक्रेश कुमार जैन निर्दलीय | निर्दलीय | 3,2146.3% |
| 5 | मनोज कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2930.6% |
| 6 | संजय शर्मा | 1160.2% | |
| 7 | बलराम बारे निर्दलीय | निर्दलीय | 730.1% |
| 8 | मजीद अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 310.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और एक निर्दलीय को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.84 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चॉंदनी चौक से कौन जीता, 1993–2003
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1993 के 64.1% से घटकर 51.9% रह गया। इसके बाद 2003 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।