शाहदराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
नरेन्द्र नाथ (INC) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 55.9% वोट पाकर शाहदरा सीट जीती और ज्योत्सना अग्रवाल (BJP) को 9,240 वोटों से हराया।
1993 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1983 में सीट नंबर 44 पहाड़गंज थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 44 आर. के. पुरम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — नरेन्द्र नाथ 17.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नरेन्द्र नाथ | 29,92955.9% | |
| 2 | ज्योत्सना अग्रवाल NDA | NDA | 20,68938.6% |
| 3 | धर्मेन्द्र कुमार | 1,1302.1% | |
| 4 | प्रयागराज गुप्ता | 8181.5% | |
| 5 | महिंदर सिंह | 3480.7% | |
| 6 | एस. चन्द्र शेखर LS | LS | 2360.4% |
| 7 | पृथ्वी राज कैन | 1650.3% | |
| 8 | कमल किशोर त्रिपाठी ICS | ICS | 1550.3% |
| 9 | त्रिभुवन प्रसाद BKD(J) | BKD(J) | 1130.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और BJP को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.17 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
शाहदरा से कौन जीता, 1993–2003
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1993 के 64.3% से घटकर 49.6% रह गया। इसके बाद 2003 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।