शालीमार बागविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
रविन्द्र नाथ (BJP) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 57.4% वोट पाकर शालीमार बाग सीट जीती और सरला कौशिक (INC) को 10,005 वोटों से हराया।
1993 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1983 में सीट नंबर 19 शकूर बस्ती थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 19 सदर बाजार है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — रविन्द्र नाथ 17.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रविन्द्र नाथ NDA | NDA | 32,62357.4% |
| 2 | सरला कौशिक | 22,61839.8% | |
| 3 | कृष्ण कुमार अग्रवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 6561.1% |
| 4 | ओ.पी. मित्तल निर्दलीय | निर्दलीय | 5511.0% |
| 5 | जगदीश चन्द्र | 3050.5% | |
| 6 | विनोद दुखिया निर्दलीय | निर्दलीय | 460.1% |
| 7 | महेश दत्त त्यागी निर्दलीय | निर्दलीय | 430.1% |
| 8 | महेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 240.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.05 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
शालीमार बाग से कौन जीता, 1993–2003
BJP ने 1993 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 65.2% से घटकर 57.4% रह गया। मतदान प्रतिशत 1993 के 67.2% से घटकर 52.2% रह गया। इसके बाद 2003 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।