हौज खासविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
सुषमा स्वराज (BJP) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 49.3% वोट पाकर हौज खास सीट जीती और प्रोफेसर किरण वालिया (INC) को 2,615 वोटों से हराया।
1993 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1983 में सीट नंबर 9 लाजपत नगर थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 9 किराड़ी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुषमा स्वराज NDA | NDA | 25,26749.3% |
| 2 | प्रोफेसर किरण वालिया | 22,65244.2% | |
| 3 | वीरेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3012.5% |
| 4 | खेम चन्द जाटव | 8351.6% | |
| 5 | राम पाल सिंह JP | JP | 4070.8% |
| 6 | अजय शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 2990.6% |
| 7 | धर्म वीर ABSR | ABSR | 2670.5% |
| 8 | सीता राम भारद्वाज | 2290.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.28 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हौज खास से कौन जीता, 1993–2003
BJP ने 1993 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 44.4% से बढ़कर 49.3% हो गया। मतदान प्रतिशत 1993 के 56.1% से घटकर 45.3% रह गया। इसके बाद 2003 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।