विश्वास नगरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
नसीब सिंह (INC) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 48.2% वोट पाकर विश्वास नगर सीट जीती और डॉ. वेद व्यास महाजन (BJP) को 456 वोटों से हराया।
1993 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1983 में सीट नंबर 43 मटिया महल थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 43 मालवीय नगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
विश्वास नगर का फ़ैसला सिर्फ़ 0.7% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 456 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नसीब सिंह | 30,38048.2% | |
| 2 | डॉ. वेद व्यास महाजन NDA | NDA | 29,92447.5% |
| 3 | नरेन्द्र कुमार | 1,5002.4% | |
| 4 | सुरिंदर कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 6211.0% |
| 5 | जय चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1590.3% |
| 6 | जे.पी. सुगन | 1570.3% | |
| 7 | महमूद खान BKD(J) | BKD(J) | 860.1% |
| 8 | राजन मौदगिल ABHM | ABHM | 810.1% |
| 9 | अजय ICS | ICS | 730.1% |
| 10 | सतीश गर्ग AIRKC | AIRKC | 560.1% |
| 11 | रमेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 230.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और BJP को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.18 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
विश्वास नगर से कौन जीता, 1993–2003
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1993 के 64.5% से घटकर 45.0% रह गया। इसके बाद 2003 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।