पूर्ण राज्य बनने से पहले इलाक़े का आख़िरी चुनाव
क्या हुआ
इस विधान सभा चुनाव में इंडियन नेशनल कांग्रेस फिर आराम से जीती।
कांग्रेस ने 30 में से 18 सीटें जीतीं — एक भारी जीत, 16 सीटों के बहुमत के आँकड़े से आगे।
उसकी सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी महाराष्ट्रवादी गोमांतक सिर्फ़ 8 सीटें जीत सकी।
क्या बदला
कांग्रेस लगातार दूसरे चुनाव में सत्ता में बनी रही, हालाँकि इस मतपत्र पर वह पिछली बार से अलग नाम से दिखती है।
इस बार कांग्रेस ने 30 में से 18 सीटें जीतीं।
यह इंडियन नेशनल कांग्रेस (उर्स) के पुराने नाम से जीती 20 सीटों से थोड़ा कम था — फिर भी भारी जीत के लिए काफ़ी।
अहम आँकड़े
उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।
सबसे कड़ा मुक़ाबला पेडणे, गोवा में हुआ, जहाँ (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) सिर्फ़ 16 वोट रहा।
मतगणना का सबसे बड़ा जीत का अंतर नावेली, गोवा में रहा, जहाँ विजेता 42.2% वोटों से आगे रहा। यह अंतर वोटों की गिनती में नहीं, कुल वोटों के हिस्से के रूप में मापा गया है।
सभी सीटों में सबसे अच्छा (पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) मांद्रे, गोवा में रहा, 77.3%।
दमण, गोवा में इलाक़े के सबसे ज़्यादा, 25,296 पंजीकृत मतदाता थे, और यहीं किसी भी सीट से ज़्यादा उम्मीदवार भी उतरे — कुल 18।
पृष्ठभूमि
यह उस दौर का आख़िरी विधान सभा चुनाव साबित हुआ, जब यह इलाक़ा केंद्र शासित प्रदेश था।