मांद्रेविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1984
खलप रमाकांत दत्ताराम (MAG) ने 1984 के विधान सभा चुनाव में 51.2% वोट पाकर मांद्रे सीट जीती और परब गोपाल आत्माराम (INC) को 1,985 वोटों से हराया।
1984 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1989 से सीट नंबर 2 पेडणे है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — खलप रमाकांत दत्ताराम 15.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | खलप रमाकांत दत्ताराम | 6,65251.2% | |
| 2 | परब गोपाल आत्माराम | 4,66735.9% | |
| 3 | देशप्रभु राजेन्द्र वासुदेव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0307.9% |
| 4 | शेतगांवकर रत्नकांत विश्राम निर्दलीय | निर्दलीय | 4213.2% |
| 5 | हरमलकर नामदेव शंकर | 1661.3% | |
| 6 | फडते अर्जुन कृष्ण निर्दलीय | निर्दलीय | 530.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
MAG, INC और एक निर्दलीय को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.51 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1989 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1989 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मांद्रे से कौन जीता, 1977–1984
1977 से यहाँ हर चुनाव MAG ने जीता है: यह लगातार उसकी तीसरी जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत लगभग पहले जितना ही रहा: 51.2%। मतदान प्रतिशत 1980 के 71.5% से बढ़कर 77.3% हो गया।