कलंगुटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1984
मलिक श्रीकांत केशव (MAG) ने 1984 के विधान सभा चुनाव में 38.9% वोट पाकर कलंगुट सीट जीती और डी. सूज़ा विल्फ्रेड ए. (निर्दलीय) को 230 वोटों से हराया।
1984 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1989 से सीट नंबर 4 थिवी है।
विजेता
कलंगुट का फ़ैसला सिर्फ़ 1.5% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 230 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मलिक श्रीकांत केशव | 5,99538.9% | |
| 2 | डी. सूज़ा विल्फ्रेड ए. निर्दलीय | निर्दलीय | 5,76537.4% |
| 3 | शिरोडकर वेंकटेश रामचंद्र | 3,32221.5% | |
| 4 | डी. सूज़ा विल्मा जूलियो निर्दलीय | निर्दलीय | 3132.0% |
| 5 | तेली तुलसीदास मागेश निर्दलीय | निर्दलीय | 290.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
MAG, एक निर्दलीय और INC को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.96 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1989 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1989 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कलंगुट से कौन जीता, 1977–1984
MAG ने यह सीट INC(U) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; MAG ने यहाँ पिछली बार 1977 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 67.5% से बढ़कर 71.4% हो गया।