मडकईविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1984
गांवकर बाबुसो सांवलो (MAG) ने 1984 के विधान सभा चुनाव में 47.6% वोट पाकर मडकई सीट जीती और नाईक शामा महानंदू (INC) को 1,999 वोटों से हराया।
1984 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1989 से सीट नंबर 14 कुंभारजुवे है।
विजेता
14.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गांवकर बाबुसो सांवलो | 6,44847.6% | |
| 2 | नाईक शामा महानंदू | 4,44932.8% | |
| 3 | काकोडकर शशिकला गुरुदत्त निर्दलीय | निर्दलीय | 1,90114.0% |
| 4 | नाईक रघुनाथ हरीचंद्र निर्दलीय | निर्दलीय | 4013.0% |
| 5 | परब काशिनाथ बबली | 1901.4% | |
| 6 | गावडे कृष्ण बेटू निर्दलीय | निर्दलीय | 1411.0% |
| 7 | नार्वेंकर विनायक कृष्ण निर्दलीय | निर्दलीय | 240.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
MAG, INC और एक निर्दलीय को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.82 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मडकई से कौन जीता, 1977–1984
1977 से यहाँ हर चुनाव MAG ने जीता है: यह लगातार उसकी तीसरी जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 54.8% से घटकर 47.6% रह गया। मतदान प्रतिशत 1980 के 71.6% से बढ़कर 75.5% हो गया।