भारी जीत, और पहली बार सत्ता बदली
क्या हुआ
इस विधान सभा चुनाव में एक नई पार्टी शानदार जीत के साथ सत्ता में आई और अकेले दम पर आसानी से आधी सीटों का आँकड़ा पार किया।
इंडियन नेशनल कांग्रेस (उर्स) ने 30 में से 20 सीटें जीतीं — एक भारी जीत, 16 सीटों के बहुमत के आँकड़े से काफ़ी आगे।
उसकी सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी महाराष्ट्रवादी गोमांतक सिर्फ़ 7 सीटें जीत सकी।
क्या बदला
पिछले चुनाव में कोई साफ़ विजेता नहीं निकला था; इस बार तस्वीर पूरी तरह उलटी रही।
पिछली बार सबसे ज़्यादा सीटें जीतने वाली महाराष्ट्रवादी गोमांतक की सीटें ढहकर सिर्फ़ 7 रह गईं।
(पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) भी बढ़ा: इस बार लगभग 67.2% पंजीकृत मतदाताओं ने वोट डाला, जो पहले से 5.0 प्रतिशत अंक ज़्यादा था।
अहम आँकड़े
उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।
सबसे कड़ा मुक़ाबला मांद्रे, गोवा में हुआ, जहाँ (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) सिर्फ़ 402 वोट रहा।
मतगणना का सबसे बड़ा जीत का अंतर बाणावली, गोवा में रहा, जहाँ विजेता 56.9% वोटों से आगे रहा। यह अंतर वोटों की गिनती में नहीं, कुल वोटों के हिस्से के रूप में मापा गया है।
सभी सीटों में सबसे अच्छा मतदान प्रतिशत डिचोली, गोवा में रहा, 80.5%।
इतनी ज़्यादा सीटें जीतने के बावजूद इंडियन नेशनल कांग्रेस (उर्स) के (कुल डाले गए वोटों का वह हिस्सा जो किसी एक पार्टी या उम्मीदवार को मिला) 38.4% था, जो महाराष्ट्रवादी गोमांतक के 36.4% से मुश्किल से आगे था।
पृष्ठभूमि
इलाक़े के छोटे से चुनावी इतिहास में यह सरकार का पहला बदलाव भी था।