केपेविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
गावस देसाई वैकुण्ठ गोविन्द (INC(U)) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 56.3% वोट पाकर केपे सीट जीती और नाईक विठ्ठल सोनू (MAG) को 2,599 वोटों से हराया।
1984 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1989 से सीट नंबर 20 फोंडा है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — गावस देसाई वैकुण्ठ गोविन्द 20.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गावस देसाई वैकुण्ठ गोविन्द | 7,07356.3% | |
| 2 | नाईक विठ्ठल सोनू | 4,47435.6% | |
| 3 | प्रभु देसाई संजय हरि | 5384.3% | |
| 4 | नाटकर अशोक भाल चन्द्र | 1661.3% | |
| 5 | फुर्तादो ग्लोरिया पेद्रो निर्दलीय | निर्दलीय | 1150.9% |
| 6 | देसाई यादवेंद्र वासुदेव JNP(S) | JNP(S) | 1080.9% |
| 7 | शबा कृष्ण देसाई निर्दलीय | निर्दलीय | 610.5% |
| 8 | राऊत देसाई शिवराम शानू निर्दलीय | निर्दलीय | 300.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC(U) और MAG को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.24 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
केपे से कौन जीता, 1977–1984
INC(U) ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 60.1% से बढ़कर 65.3% हो गया। इसके बाद 1984 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।