फोंडाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
शिवदास आत्माराम शेट वेरेकर (MAG) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 43.3% वोट पाकर फोंडा सीट जीती और नाईक मोहन गोविन्द (INC) को 1,945 वोटों से हराया।
1989 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1984 में सीट नंबर 20 केपे थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 20 प्रियोल है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
13.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शिवदास आत्माराम शेट वेरेकर | 6,21243.3% | |
| 2 | नाईक मोहन गोविन्द | 4,26729.8% | |
| 3 | सहकारी माधव आत्माराम निर्दलीय | निर्दलीय | 2,02214.1% |
| 4 | सुनल नारायण देसाई | 5734.0% | |
| 5 | खानोलकर महादेव सतचित निर्दलीय | निर्दलीय | 4843.4% |
| 6 | मुल्ला ज़ाहिरलुद्दीन मिर्ज़ा निर्दलीय | निर्दलीय | 2822.0% |
| 7 | पारकर प्रकाश शानू निर्दलीय | निर्दलीय | 2391.7% |
| 8 | सिगौंकर प्रदीप काशी वाम दल | वाम दल | 2121.5% |
| 9 | उस्मान शेख मुस्सा निर्दलीय | निर्दलीय | 450.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.34 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
फोंडा से कौन जीता, 1989–2007
इसके बाद 1994 के चुनाव में भी MAG ने यह सीट अपने पास रखी।