शिवोलीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
चोडणकर चंद्रकांत उत्तम (निर्दलीय) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 46.4% वोट पाकर शिवोली सीट जीती और सालगावकर लादू बुथी (MAG) को 1,757 वोटों से हराया।
1984 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1989 से सीट नंबर 3 धारगल है।
विजेता
13.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चोडणकर चंद्रकांत उत्तम निर्दलीय | निर्दलीय | 5,84146.4% |
| 2 | सालगावकर लादू बुथी | 4,08432.4% | |
| 3 | मांद्रेकर रामकृष्ण नरसिंव | 1,0448.3% | |
| 4 | गाडेकर सदानंद महादेव निर्दलीय | निर्दलीय | 7125.7% |
| 5 | फर्नांडिस सिल्वेस्टर लोयोला एपिगानियो एन. JNP(S) | JNP(S) | 4233.4% |
| 6 | नाईक कानोबा यशवंत | 2672.1% | |
| 7 | पाल्येंकर शम्भु नागेश निर्दलीय | निर्दलीय | 2321.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.01 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
शिवोली से कौन जीता, 1977–1984
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट MAG से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 64.5% से बढ़कर 67.8% हो गया। इसके बाद 1984 के चुनाव में यह सीट MAG ने जीती।