दाभोलीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1984
डी. सूज़ा साइमन पीटर (INC) ने 1984 के विधान सभा चुनाव में 38.6% वोट पाकर दाभोली सीट जीती और डोराडो हरकुलानो तेओदोरो (निर्दलीय) को 2,694 वोटों से हराया।
1984 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1989 से सीट नंबर 27 लोटली है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — डी. सूज़ा साइमन पीटर 17.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | डी. सूज़ा साइमन पीटर | 5,86538.6% | |
| 2 | डोराडो हरकुलानो तेओदोरो निर्दलीय | निर्दलीय | 3,17120.9% |
| 3 | नाईक महादेव नारायण | 2,79918.4% | |
| 4 | सालगांवकर शंकर काशिनाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 1,61510.6% |
| 5 | सलदान्हा मटांडी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4129.3% |
| 6 | आर्लेकर विश्वनाथ नरसोबा | 1871.2% | |
| 7 | पेर्रिएरा लुइसा गेराल्डो | 1120.7% | |
| 8 | फर्नांडिस तोलेंतियोनी डियोनिसियो निर्दलीय | निर्दलीय | 460.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 78% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.06 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
दाभोली से कौन जीता, 1977–1984
INC ने यह सीट INC(U) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 63.6% से बढ़कर 64.6% हो गया।