पणजीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1984
गोंसाल्वेस जुवांव बपतिस्ता फ्लोरिनो (INC) ने 1984 के विधान सभा चुनाव में 45.9% वोट पाकर पणजी सीट जीती और नाईक बबन अनंत (MAG) को 2,977 वोटों से हराया।
1984 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1989 से सीट नंबर 10 का नाम अब भी पणजी है, अब नई सीमाओं के साथ।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — गोंसाल्वेस जुवांव बपतिस्ता फ्लोरिनो 28.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गोंसाल्वेस जुवांव बपतिस्ता फ्लोरिनो | 4,84445.9% | |
| 2 | नाईक बबन अनंत | 1,86717.7% | |
| 3 | मांद्रेकर रामकृष्ण नरसिंव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,46213.8% |
| 4 | शेणवी सिलिमखान प्रभाकर रामनाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0219.7% |
| 5 | विष्णु नाईक निर्दलीय | निर्दलीय | 4874.6% |
| 6 | बीर माधव रामकृष्ण निर्दलीय | निर्दलीय | 3733.5% |
| 7 | सरमलकर जयप्रकाश गजानन | 2542.4% | |
| 8 | सरदेसाई वामान बालकृष्ण निर्दलीय | निर्दलीय | 800.8% |
| 9 | अशरफ आग़ा दाऊद आग़ा निर्दलीय | निर्दलीय | 740.7% |
| 10 | उसगांवकर रामकृष्ण वासुदेव निर्दलीय | निर्दलीय | 730.7% |
| 11 | सरदेसाईनारायण बलवंत निर्दलीय | निर्दलीय | 240.2% |
| 12 | शिंक्रे जे.जे. (प्रदीपकर) निर्दलीय | निर्दलीय | 60.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 77% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.65 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पणजी से कौन जीता, 1977–1984
INC ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 65.6% से घटकर 64.2% रह गया।