बँटे हुए मैदान में कांग्रेस की चौथी जीत
क्या हुआ
पुडुचेरी में सरकार चला रही पार्टी फिर जीती, हालाँकि उसकी बढ़त और कम हो गई।
इंडियन नेशनल कांग्रेस ने 9 सीटें जीतीं।
अब वह यहाँ लगातार 4 चुनाव जीत चुकी थी।
पिछले चुनाव में उसके पास 15 सीटें थीं, यह उससे कम था।
उसके (कुल डाले गए वोटों का वह हिस्सा जो किसी एक पार्टी या उम्मीदवार को मिला) 4.7 प्रतिशत अंक घटा।
क्या बदला
यह (ऐसा परिणाम जिसमें किसी एक पार्टी को अकेले सरकार बनाने लायक सीटें नहीं मिलतीं) सदन था।
8 दलों ने कम से कम एक सीट जीती।
द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम 7 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही।
यह पुडुचेरी में तमिल मानिला कांग्रेस का भी पहला चुनाव था।
अहम आँकड़े
उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।
सबसे क़रीबी मुक़ाबला थिरुभुवनई, पुडुचेरी में हुआ, जहाँ (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) सिर्फ़ 121 वोट रहा।
सबसे बड़ा जीत का अंतर कराईकल, पुडुचेरी में रहा, जहाँ विजेता 48.9% वोट से आगे रहा।
सबसे ज़्यादा (पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) यानम, पुडुचेरी में रहा, 85.5%।
इस चुनाव में सबसे ज़्यादा उम्मीदवार उप्पलम, पुडुचेरी में उतरे, बैलट पर 17 उम्मीदवार थे।
पृष्ठभूमि
पुडुचेरी में कांग्रेस की जीत का सिलसिला जारी रहा, हालाँकि वह कभी बहुमत के आँकड़े तक नहीं पहुँची।