कांग्रेस सत्ता में बनी रही, लेकिन कम सीटों के साथ
क्या हुआ
पुडुचेरी में सरकार चला रही पार्टी ज़मीन खोने के बावजूद सत्ता में बनी रही।
इंडियन नेशनल कांग्रेस ने 11 सीटें जीतीं।
पिछले चुनाव में उसके पास 15 सीटें थीं, यह उससे कम था।
उसके (कुल डाले गए वोटों का वह हिस्सा जो किसी एक पार्टी या उम्मीदवार को मिला) 7.6 प्रतिशत अंक घटा।
क्या बदला
दूसरा स्थान बदल गया, और एक नया राष्ट्रीय दल पहली बार विधान सभा में पहुँचा।
द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम 9 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही।
इस बीच, कभी इस केंद्र शासित प्रदेश में सरकार चला चुकी पार्टी का समर्थन फिर ढह गया।
यह पुडुचेरी में जनता दल का भी पहला चुनाव था।
अहम आँकड़े
उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।
सबसे क़रीबी मुक़ाबला कोट्टुच्चेरी, पुडुचेरी में हुआ, जहाँ (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) सिर्फ़ 140 वोट रहा।
सबसे बड़ा जीत का अंतर नेडुंगाडु, पुडुचेरी में रहा, 32.3% वोट।
सबसे ज़्यादा (पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) यानम, पुडुचेरी में रहा, 85.0%।
सबसे कम मतदान प्रतिशत बुस्सी, पुडुचेरी में रहा, 58.3%।
पृष्ठभूमि
अपने पहले चुनाव से अब तक पुडुचेरी की विधान सभा में सरकार चलाने के लिए लगभग हमेशा एक से ज़्यादा दलों की ज़रूरत पड़ी है।