पुडुचेरी 1974 का नक्शा लोड हो रहा है…

पार्टी के हिसाब से सीटें
ADK: 12 सीटें (40.0%)INC: 7 सीटें (23.3%)NCO: 5 सीटें (16.7%)CPI: 2 सीटें (6.7%)DMK: 2 सीटें (6.7%)CPM: 1 सीट (3.3%)IND: 1 सीट (3.3%)बहुमत के लिए 1630सरकार बनाने के लिए 16
चुनाव की कहानी

बँटा हुआ मैदान

क्या हुआ

पुडुचेरी की विधान सभा में सत्ता फिर बदली, और वोट और भी ज़्यादा बँट गए।

ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम ने अपने पहले ही मुक़ाबले में सबसे ज़्यादा सीटें जीतीं: 30 में से 12।

यह 16 सीटों के बहुमत के आँकड़े से कम था — विधान सभा, जहाँ किसी पार्टी को अकेले सरकार बनाने लायक सीटें नहीं मिलतीं।

सबसे बड़ा झटका सत्ता से बाहर जा रही द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम को लगा; अभी-अभी सरकार चलाने वाली यह पार्टी बुरी तरह ढह गई।

क्या बदला

इस चुनाव और पिछले चुनाव के बीच सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गई थीं, इसलिए हर सीट पर हुए बदलाव गिने नहीं जा सकते।

ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम और इंडियन नेशनल कांग्रेस (संगठन) ने इस केंद्र शासित प्रदेश की विधान सभा में पहली बार सीटें जीतीं।

अहम आँकड़े

इस चुनाव के कुछ आँकड़े अपने आप में ध्यान खींचते हैं।

सबसे ज़्यादा सीटें जीतने के बावजूद ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम के सिर्फ़ 27.8% रहा।

थिरुभुवनई, पुडुचेरी में सबसे करीबी मुक़ाबला रहा, जिसका फ़ैसला सिर्फ़ 35 वोटों से हुआ।

इस चुनाव में सबसे अच्छा नेट्टपाक्कम, पुडुचेरी में रहा, 89.9%।

मतगणना का सबसे बड़ा राज भवन, पुडुचेरी में रहा, जहाँ विजेता 30.2% वोटों से आगे रहा।

पृष्ठभूमि

इस चुनाव में मैदान और भी बिखर गया: पहले से भी ज़्यादा दलों ने सीटें जीतीं।

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RBI 2024-25

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