कांग्रेस की लगातार तीसरी जीत
क्या हुआ
पुडुचेरी में सरकार चला रही पार्टी फिर जीती, और इस बार उसकी स्थिति मज़बूत हुई।
इंडियन नेशनल कांग्रेस ने 15 सीटें जीतीं।
अब वह यहाँ लगातार 3 चुनाव जीत चुकी थी।
यह 4 सीटों की बढ़त थी।
उसके (कुल डाले गए वोटों का वह हिस्सा जो किसी एक पार्टी या उम्मीदवार को मिला) 5.0 प्रतिशत अंक बढ़ा।
क्या बदला
पिछली बार दूसरे स्थान पर रही पार्टी तेज़ी से पिछड़ गई, और पिछले चुनाव में पहली बार उतरी पार्टी भी।
ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम 6 सीटों के साथ फिर दूसरे स्थान पर लौटी।
उसके अपने मतों का हिस्सा मुश्किल से हिला: पहले के मुक़ाबले 0.8 प्रतिशत अंक कम।
पूरे केंद्र शासित प्रदेश में 30 सीटों में से 18 सीटों पर पिछले चुनाव के मुक़ाबले जीतने वाली पार्टी बदल गई।
अहम आँकड़े
उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।
पूरे प्रदेश में सबसे करीबी मुक़ाबला राज भवन, पुडुचेरी में रहा, जहाँ (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) सिर्फ़ 49 वोट था।
सबसे बड़ा जीत का अंतर थट्टांचावडी, पुडुचेरी में रहा, 40.3% वोट।
सबसे ज़्यादा (पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) यानम, पुडुचेरी में रहा, 82.7%।
सबसे कम मतदान प्रतिशत बुस्सी, पुडुचेरी में रहा, 53.8%।
पृष्ठभूमि
पुडुचेरी में एक चुनाव से दूसरे चुनाव तक मतदान प्रतिशत ऊपर-नीचे होता रहा, फिर भी कांग्रेस का सिलसिला जारी रहा।